Class 9 Hindi Chapter 2 Kya Likhu हिंदी के प्रसिद्ध निबंधकार पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी का एक अत्यंत रोचक एवं आत्मपरक निबंध है। इस निबंध में लेखक ने निबंध लिखने की प्रक्रिया, उसकी कठिनाइयों तथा एक अच्छे निबंध की विशेषताओं को हास्यपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया है।
लेखक को दो विषय – “दूर के ढोल सुहावने” और “समाज-सुधार” – पर निबंध लिखना है। इन विषयों पर लिखते समय वह अनेक साहित्यकारों के विचारों का उल्लेख करता है और यह समझाने का प्रयास करता है कि केवल नियमों से अच्छा निबंध नहीं लिखा जा सकता। लेखक के अनुसार निबंध तभी प्रभावशाली बनता है जब उसमें लेखक के अपने अनुभव, विचार और भावनाएँ सम्मिलित हों।
इस निबंध में लेखक ने ए. जी. गार्डिनर, मानटेन तथा अमीर खुसरो जैसे विद्वानों का उल्लेख करते हुए निबंध लेखन की विभिन्न विधियों पर प्रकाश डाला है। अंत में लेखक यह निष्कर्ष प्रस्तुत करता है कि जीवन में समाज-सुधार की आवश्यकता कभी समाप्त नहीं होती और दूर से देखने पर प्रत्येक वस्तु अधिक आकर्षक प्रतीत होती है।
Kya Likhu Worksheet
“क्या लिखूँ?” एक आत्मकथात्मक शैली में लिखा गया निबंध है जिसमें लेखक स्वयं पाठकों से संवाद करता है। निबंध की शुरुआत लेखक इस विचार से करता है कि उसे आज हर हाल में लिखना पड़ेगा। वह प्रसिद्ध अंग्रेज़ी निबंधकार ए. जी. गार्डिनर का विचार प्रस्तुत करता है कि लेखन किसी विशेष मानसिक अवस्था में स्वतः उत्पन्न होता है। उस समय लेखक को विषय की चिंता नहीं रहती, बल्कि वह अपने मन के भावों को किसी भी विषय के माध्यम से व्यक्त कर देता है।
अध्याय का केंद्रीय भाव
इस निबंध का मुख्य उद्देश्य केवल निबंध लेखन की प्रक्रिया बताना नहीं है, बल्कि यह समझाना है कि—
- अच्छा निबंध केवल नियमों से नहीं लिखा जा सकता।
- लेखक के अनुभव और भावनाएँ सबसे महत्वपूर्ण होती हैं।
- दूर की वस्तुएँ हमेशा आकर्षक प्रतीत होती हैं।
- समाज में सुधार की आवश्यकता कभी समाप्त नहीं होती।
- हर पीढ़ी अपने समय को अलग दृष्टि से देखती है।
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लेखक परिचय (पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी)
पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी (1894–1971) हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध निबंधकार, आलोचक, कवि, व्यंग्यकार तथा कहानीकार थे। उनका जन्म खैरागढ़ (वर्तमान छत्तीसगढ़) में हुआ था। वे विशेष रूप से अपने प्रभावशाली निबंधों के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने सरस्वती और छाया जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं का संपादन भी किया।
Class 9 Hindi Ganga Chapter 2 Question Answer
प्रश्न 1. लेखक ने ए. जी. गार्डिनर के विचारों का उल्लेख क्यों किया है?
उत्तर: लेखक ने ए. जी. गार्डिनर के विचारों का उल्लेख निबंध लेखन की प्रक्रिया को समझाने के लिए किया है। गार्डिनर का मानना था कि लेखन एक विशेष मानसिक अवस्था में स्वतः उत्पन्न होता है। उस समय लेखक के मन में विचारों और भावनाओं का प्रवाह इतना तीव्र होता है कि वह किसी भी विषय पर सहजता से लिख सकता है। लेखक इस विचार का सम्मान करता है, लेकिन स्वीकार करता है कि उसे ऐसी सहज प्रेरणा नहीं मिलती। उसे निबंध लिखने के लिए सोच-विचार, अध्ययन और परिश्रम करना पड़ता है।
प्रश्न 2. लेखक को ‘दूर के ढोल सुहावने’ और ‘समाज-सुधार’ विषयों पर निबंध लिखने में क्या कठिनाइयाँ आईं?
उत्तर: लेखक को दोनों विषयों पर आदर्श निबंध लिखने का कार्य मिला था। उसकी मुख्य कठिनाइयाँ थीं—
- विषयों पर पर्याप्त सामग्री उपलब्ध नहीं थी।
- सीमित समय में अध्ययन करना संभव नहीं था।
- निबंध की रूपरेखा तैयार करना कठिन लग रहा था।
- दोनों विषय इतने व्यापक थे कि उन्हें कुछ पृष्ठों में समेटना आसान नहीं था।
- लेखक चाहता था कि निबंध प्रभावशाली और आदर्श हो, इसलिए वह अधिक चिंतित था।
प्रश्न 3. लेखक के अनुसार मानटेन की निबंध शैली की प्रमुख विशेषता क्या है?
उत्तर: लेखक के अनुसार मानटेन की निबंध शैली की सबसे बड़ी विशेषता उसकी स्वाभाविकता और मौलिकता है। मानटेन ने अपने जीवन के अनुभवों, विचारों और भावनाओं को बिना किसी कृत्रिमता के सरल भाषा में प्रस्तुत किया। उनके निबंधों में लेखक की सच्ची अनुभूति, व्यक्तिगत दृष्टिकोण और आत्मीयता दिखाई देती है। यही कारण है कि लेखक इस शैली को आदर्श मानता है।
प्रश्न 4. लेखक ने अमीर खुसरो की कहानी का उल्लेख किस उद्देश्य से किया है?
उत्तर: लेखक ने अमीर खुसरो की कहानी का उल्लेख अपनी समस्या का समाधान बताने के लिए किया है। कहानी में अमीर खुसरो एक ही कविता में चार अलग-अलग विषयों को कुशलतापूर्वक जोड़ देते हैं। इससे प्रेरित होकर लेखक भी ‘दूर के ढोल सुहावने’ और ‘समाज-सुधार’ दोनों विषयों को एक ही निबंध में सम्मिलित करने का विचार करता है। यह उदाहरण लेखक की रचनात्मक सोच और हास्यपूर्ण शैली को भी दर्शाता है।
Kya likhu Class 9 Question Answer
प्रश्न 1. ‘क्या लिखूँ?’ निबंध के आधार पर निबंध लेखन की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।
उत्तर: ‘क्या लिखूँ?’ निबंध में लेखक ने निबंध लेखन की प्रक्रिया को रोचक एवं आत्मपरक शैली में प्रस्तुत किया है। लेखक बताता है कि एक अच्छा निबंध केवल नियमों का पालन करने से नहीं लिखा जा सकता, बल्कि उसके लिए लेखक की मौलिक सोच, अनुभव और भावनाएँ आवश्यक होती हैं।
लेखक विभिन्न विद्वानों के विचारों का उल्लेख करता है। उनके अनुसार निबंध लिखने से पहले विषय का चयन करना, सामग्री एकत्र करना, रूपरेखा बनाना तथा सरल और प्रवाहपूर्ण भाषा का प्रयोग करना चाहिए। लेखक इन सभी बातों को स्वीकार तो करता है, लेकिन यह भी बताता है कि व्यवहार में हर बार ऐसा संभव नहीं होता।
अंततः लेखक मानटेन की शैली को सर्वोत्तम मानता है, जिसमें लेखक अपने अनुभवों और विचारों को सहज रूप से व्यक्त करता है। लेखक का निष्कर्ष है कि सफल निबंध वही है जिसमें लेखक का व्यक्तित्व, अनुभव और मौलिक विचार स्पष्ट दिखाई दें।
प्रश्न 2. ‘दूर के ढोल सुहावने होते हैं’ लोकोक्ति का अर्थ स्पष्ट करते हुए लेखक के विचार लिखिए।
उत्तर: ‘दूर के ढोल सुहावने होते हैं’ का अर्थ है कि दूर की वस्तुएँ या परिस्थितियाँ वास्तविकता की अपेक्षा अधिक आकर्षक प्रतीत होती हैं। जब हम किसी वस्तु या स्थिति को दूर से देखते हैं, तब उसकी कठिनाइयाँ दिखाई नहीं देतीं और केवल उसका सुंदर पक्ष दिखाई देता है।
लेखक इस विचार को अनेक उदाहरणों से स्पष्ट करता है। वह बताता है कि दूर से सुनाई देने वाली ढोल की आवाज़ मधुर लगती है, जबकि उसके पास बैठे लोगों को वही आवाज़ कर्कश लगती है।
इसी प्रकार युवाओं को भविष्य सुंदर लगता है और वृद्धों को अपना अतीत श्रेष्ठ प्रतीत होता है। दोनों वर्तमान से असंतुष्ट रहते हैं क्योंकि वे दूर की बातों को अधिक आकर्षक मानते हैं।
इस प्रकार लेखक समझाता है कि किसी भी वस्तु का सही मूल्यांकन तभी किया जा सकता है जब हम उसे निकट से समझें।